एजेंटों एवं एजेंसी के लिए सूचना
इस विभाग का एजेंट कैसे बनें:
प्रमाणित पुस्तक विक्रेता प्रकाशन विभाग में उपलब्ध निर्धारित प्रपत्रों जो कि मांगे जाने पर उपलब्ध है में आवेदन कर भारत सरकार के प्रकाशनों तथा पत्रिकाओं कि बिक्री के लिए ऐजेन्सी ले सकते है । नियुक्त किए जाने पर ऐजेन्ट सभी सरकारी प्रकाशनों पर प्रतिबन्धित ऐजेन्ट के रूप में 20% कमीशन प्राप्त करने के पात्र होंगे तथा परीक्षण की अवधि के सफलतापूर्वक समाप्त होने के उपरांत नियमित ऐजेन्ट बनने पर निम्नलिखित निबन्धन तथा शर्तो पर 25% कमीशन के पात्र होंगे ।
ऐजेन्सी की व्यापार निबन्धन तथा शर्ते :
- 02 वर्ष की परीक्षण अवधि के दौरान सरकारी प्रकाशनों की बिक्री के लिए प्रतिबन्धित ऐजेन्सी (परिवीक्षाधीन ऐजेन्टों के लिए) का निबन्धन ।
- ऐजेन्ट प्रत्येक वर्ष कम से कम 6000/- रु॰ मूल्य के सरकारी प्रकाशनों तथा पत्रिकाओ की बिक्री करेंगे
- ऐजेन्ट सरकारी प्रकाशनों/पत्रिकाओं की बिक्री पर 20% की छूट प्राप्त करेंगे । तथापि यदि सरकारी प्रकाशनों/पत्रिकाओं की बिक्री 6000/- रु॰ सालाना से कम होगी तो कमीशन की दर स्वत: कम 15% हो जाएगी ।
- ऐजेन्ट पुस्तकों के मूल्य की राशि अग्रिम में नकद जमा करवा कर अथवा विभाग में अपने नाम से कम से कम 1000/- रु॰ का जमा-खाता खुलवाने के पश्चात विभाग के मुख्य कार्यालय से पुस्तकों की मांग कर सकते है ।
- ऐजेन्ट सरकारी प्रकाशनों आदि की बिक्री प्रकाशन नियंत्रक द्वारा प्रकाशित मूल्य के अलावा अन्य मूल्य पर नहीं करेगा ।
- ऐजेन्ट खरीदे गए सरकारी प्रकाशनों/पत्रिकाओं पर प्रकाशित मूल्य से अधिक राशि लेने के हकदार नहीं होंगे । यह उस डाक खर्च इत्यादि पर लागु नहीं होगा जो ऐजेन्ट, मांगकर्ता को प्रकाशन भेजने के लिए लेते हैं ।
- त्रुटिपूर्ण/क्षतिग्रस्त प्रकाशनों/पत्रिकाओं की प्रतियाँ तभी वापिस ली जाएगी जब प्रकाशनों/पत्रिकाओं की त्रुटियों/क्षतिग्रस्तता का उल्लेख किया जाएगा और प्रकाशनों तथा पत्रिकाओं को प्राप्ति के 10 दिन के भीतर विभाग को वापिस लौटा दिया जाएगा।
यदि प्रकाशन नियंत्रक 02 वर्ष की सम्पूर्ण अवधि के दौरान ऐजेन्ट के कार्य से सन्तुष्ट हो तो वे ऐजेन्ट को नियमित आधार पर ऐजेन्ट नियुक्त कर सकते हैं । ऐजेन्ट को निर्धारित प्रपत्र में भारत के राष्ट्रपति के पक्ष में औपचारिक अनुबंध निष्पादित करना होगा।